• Breaking News

    Saturday, August 5, 2017

    बहन की सहेली के साथ चुदाई का पल

    loading…


    प्रेषक : दीपक …


    हैल्लो दोस्तों, में चोदन डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। मैंने इस साईट की लगभग सारी स्टोरीयाँ तो पढ़ी है, मुझे ये साईट बहुत अच्छी लगती है। आज में आपको अपनी पहली कहानी सुनाने जा रहा हूँ, मुझे पूरा विश्वास है कि आपको मेरी ये कहानी बहुत पसंद आएगी। आज में आपको जो सेक्स की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो किसी और की नहीं मेरी अपनी है, जो मैंने अपनी छोटी बहन की एक दोस्त के साथ किया था। अब इससे पहले कि में अपनी कहानी शुरू करूँ में आपको अपना और उस लड़की का परिचय आपसे करा दूँ। में 27 साल का प्राइवेट ऑर्गनाइज़ेशन में काम करता हूँ। मेरे साथ मेरी बहन रहती है, जो कि कुछ दिन पहले ही होस्टल छोड़कर मेरे साथ रहने आई है। अब जिस लड़की की कहानी में आपको सुनाने जा रहा हूँ उसका नाम सुमन है, जो दिखने में इतनी सुंदर है कि उसको देखने के बाद मेरा मन हमेशा से ही उसके साथ सोने का करने लगता था। में अपनी बहन के साथ दो रूम के एक फ्लेट में रहता हूँ, अब में आपको उस कहानी की तरफ ले चलता हूँ।


    ये कहानी आज से 2 महीने पहले की है, में उस दिन रूम पर अकेले था, क्योंकि मेरी बहन उस दिन सुबह मेरे एक कजिन के यहाँ चली गयी थी। अब में जैसे ही अपने ऑफिस के लिए निकल रहा था, तो मुझे वैसे ही उसकी एक दोस्त का फोन आया तो उसने मेरी बहन के बारे में पूछा। में जानता था कि मेरी बहन उस दिन शाम से पहले नहीं आने वाली है और ये सुमन को चोदने का अच्छा मौका है। तो मैंने उससे बोल दिया कि मेरी बहन अभी नहीं है, लेकिन वो 5 मिनट में आ जाएगी। फिर वो बोली कि में भी 10 मिनट में आ रही हूँ। अब में उसके आने की तैयारी करने लगा था और में उस दिन ये मौका छोड़ना नहीं चाहता था, अब मैंने 10 मिनट के अंदर सारी तैयारी पूरी कर ली थी।


    फिर कुछ देर के बाद में जैसे ही नीचे गया, तो वो रिक्शे से उतर रही थी। फिर मैंने उसे ऊपर चलने के लिए कहा। फिर जब उसने मेरी बहन के बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि में उसे बुलाने जा रहा हूँ तो मैंने देखा कि वो ऊपर चली गयी। अब में नीचे की सी.डी का दरवाजा बंद करके ऊपर आ गया था।  फिर जब में रूम में वापस आया तो मैंने उसे रूम में कुर्सी पर बैठा पाया। फिर मैंने उसे पानी पिलाया, अब वो कंप्यूटर खोलकर गेम खेलने लगी थी। फिर कुछ देर बात करने के बाद जब मेरे सब्र का बाँध टूटा तो में किचन में गया और वहाँ से आने के बाद मैंने उसके पीछे जाकर उसको अपनी बाँहों में लपेटते हुए उसके दोनों बूब्स को दबाया। अब मेरे इस प्रकार के बर्ताव से वो घबरा गयी थी और बोली कि भैया आप ये क्या कर रहे है? और फिर वो खड़ी हो गयी। फिर तब मैंने उसे बता दिया कि मेरी बहन मेरे कजिन के पास गयी है और वो अब शाम को आएंगी।


    अब मैंने उसे अपने पास सटा लिया था और उसकी दोनों चूचीयों को दबाने लगा था। फिर में बोला कि  देखो सुमन मैंने जब से तुमको पहली बार देखा है तभी से मेरा मन तुमसे सेक्स करने के लिए बैचेन था, आज मेरे पास अच्छा मौका था तो में कैसे जाने देता? अब कुछ देर तक ना ना करने के बाद उसने विरोध करना बंद कर दिया था। फिर मैंने उसे बेड पर चलने के लिए बोला, तो वो बेड के पास चली गयी। फिर मैंने उसकी जींस के बटन को खोलते हुए उसकी चैन को खोल दिया और उसकी पैंट को नीचे गिरा दिया। फिर मैंने उसे अपनी पैंट को अपने पैर से निकालने के लिए बोला तो उसने अपनी पैंट को अपने पैर से अलग कर दिया। फिर मैंने उसे अपनी पकड़ से अलग किया और उसे बेड पर लेटने के लिए बोला तो वो बेड पर लेट गयी। फिर मैंने उसके टॉप को खोला तो मैंने देखा कि उसने ब्लेक कलर की ब्रा पहन रखी थी। फिर में बोला कि ब्लेक कलर का अंडरगारमेंट तुम पर बहुत सूट करता है, तो वो मुस्कुराने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।


    फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पैंटी के ऊपर रखा, तो वो आआआआआहह करके अंगड़ाई लेने लगी।   फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी पैंटी को एक ही झटके में उसके घुटनों तक पहुँचा दिया, तो जैसे ही मेरी नजर उसकी चूत पर गयी तो मेरे लंड को तो जैसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया, अब वो तो जैसे बाहर आने के लिए बैचेन हो गया था। फिर में अपने एक हाथ को उसकी चूत के ऊपर फैरते हुए और उसे हल्का सा पुश करते हुए बोला कि काफ़ी सख्त है। फिर उसने अपनी आँखें बंद कर ली और चुपचाप लेटी रही। फिर मैंने भी देरी करना उचित नहीं समझा और झट से अपने लंड को टावल से बाहर निकाल दिया तो जैसे ही मेरे लंड ने अपने अगले हिस्से को बाहर निकाला तो वो अपनी आँखे खोलकर मेरे लंड को देखने लगी। फिर मैंने देखा कि वो काफ़ी ध्यान से मेरे लंड को देख रही थी।


    फिर में उठकर पास की टेबल पर पड़े हुए तेल के डिब्बे को लेकर अपने बेड के पास रख दिया और उसकी जाँघ पर बैठ गया। फिर मैंने उसकी चूत को फैलाते हुए तेल के डिब्बे से थोड़ा तेल निकालकर उसकी चूत की दोनों दीवारों पर लगाया। फिर मैंने देखा कि मेरे लंड के मुँह पर पानी आ गया है तो मैंने उसे मेरे लंड के अगले हिस्से पर मल दिया। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाते हुए उसे अपनी चूत को फैलाने के लिए बोला, तो उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैलाया, तो मैंने जैसे ही उसकी चूत को फैले हुए देखा तो मैंने एक ज़ोर का झटका मारा। तो वो ज़ोर से आआआआआवउउउ करके सिहर उठी, तो मैंने अपनी कमर को रोक लिया। फिर उसने बोला कि प्लीज निकाल दीजिए। तो मैंने पूछा कि क्यों? तो वो बोली कि बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने बोला कि कभी सेक्स नहीं किया है क्या? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने बोला कि तभी तुमको पता नहीं है कि कितना अच्छा लगता है? फिर मैंने उसकी ब्रा को खोलने के लिए उसको अपनी पीठ को उठाने के लिए बोला, तो उसने अपनी पीठ को उठा लिया।


    फिर मैंने उसकी ब्रा को खोलकर अलग निकाला और जैसे ही मेरी नजर उसकी नंगी चूचीयों के ऊपर पड़ी तो मेरे लंड के साईज़ में जैसे जोश ही भर गया। फिर मैंने उसकी दोनों चूचीयों पर हल्का-हल्का सा तेल लगाया और अपनी दोनों हथेलियों से उन दोनों को मसलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर तक मसलने के बाद जब मैंने देखा कि उसकी पकड़ ढीली पड़ने लगी है, तो मैंने फिर से अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया। अब मैंने उसकी दोनों चूचीयों को जो कि बिल्कुल ही तनी हुई थी मसलने के साथ ही अपनी कमर को हिला रहा था और उसके चेहरे को देख रहा था। फिर वो अओउुउउ, आआआअहह, आआआआ, हाईईईईईई, आाआआअ, नहीं आआआआ करके जोर-जोर से मौन कर रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि  दर्द कर रहा है क्या? तो वो बोली कि हाँ। फिर जब मेरा लंड कुछ और अंदर चला गया तो मैंने कुछ देर के बाद अपने लंड के रास्ते में कुछ अड़चन महसूस की, अब में समझ गया था कि ये उसकी सील थी।


    फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर ज़ोर से एक झटका मारा। तो मेरे इस झटके से वो ज़ोर से नईईईईईईई, आआअहह, प्लीज आहह, निकालो ना हाईईईईईईईईईईई, करके चिल्ला उठी। फिर मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल दिया और उसकी दोनों चूचीयों को फिर से मसलना शुरू कर दिया और कुछ देर के बाद मैंने अपनी कमर को ज़ोर-ज़ोर से हिलाना शुरू कर दिया। अब उसकी आआआआआआआहह, ऊऊऊओह की आवाजे जब मैंने देखा कि रुकने वाली नहीं है तो मैंने अपने होंठो को उसके होंठो को कस लिया और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा। तो तब उसने अपने होंठो को आज़ाद करते हुए पूछा कि और कितना बाहर है भैया? तो मैंने बोला कि थोड़ा सा है पूरा डाल दूँ क्या? तो उसने हाँ में अपने सिर को हिलाया। तो मैंने अपनी कमर को ज़ोर-जोर के झटके के साथ अपने लंड को पूरा अंदर कर दिया।


    फिर कुछ देर तक ज़ोर-जोर के झटके मारने के बाद जब मैंने महसूस किया कि मेरा वीर्य उसकी चूत में  जाने वाला है तो मैंने एक तरफ से उसकी चूचीयों को ज़ोर-जोर से मसलना शुरू किया तो दूसरी तरफ से उसके होंठो को चूसना शुरू किया। अब वो भी मेरे सुर के साथ-साथ अपना ताल मिलाने लगी थी। फिर मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है, तो उसने अपना सिर हाँ में हिलाया। फिर कुछ देर के बाद मेरा वीर्य उसकी चूत को गीला करने लगा तो वो आई लव यू, आआहह, हाईईईईईईईईईईई, लव यू करके अपने दोनों हाथों को मेरी पीठ पर रगड़ते हुए पूरी तरह से मेरे आगोश में आ गयी। फिर कुछ देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद मैंने उठकर अपने लंड को बाहर निकाला तो उस पर खून लगा हुआ था। फिर मैंने उसकी चूत को देखा तो वो काफ़ी फूल चुकी थी। फिर वो चुपचाप कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही और फिर थोड़ी देर के बाद उठकर अपने कपड़े पहन के लिए बाथरूम में चली गयी।


    फिर पेशाब करने के बाद जब वो बाहर आई तो वो मुस्कुराते हुए मुझसे रोड़ तक छोड़ने के लिए बोली,  तो में उसके साथ रोड़ तक गया। फिर रास्ते में मैंने उससे पूछा कि कैसा लगा? तो वो बोली कि बहुत अच्छा लगा, मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था की इतना मज़ा आता है। फिर मैंने उसे ऑटो में बैठा दिया और अपने रूम पर आ गया ।।


    धन्यवाद …





    इस कहानी को Whatsapp और Facebook पर शेयर करें …

    No comments:

    Post a Comment

    Fashion

    Beauty

    Culture